शतरंज के नियम और खेलने के तरीके Chess Game Rules and Tricks in Hindi

शतरंज के नियम और खेलने के तरीके – शतरंज के नियम हिंदी में Chess Game Rules in Hindi

शतरंज का खेल शारीरिक स्वास्थ्य की द्रष्टि से तो नहीं देखा जाता, यह बुद्धि बढ़ाने का साधन जरूर है| इसीलिए इसे बुद्धि एवं चातुर्य का खेल कहा जाता है| यह खेल प्राचीन काल से खेला जा रहा है| प्राचीन काल मे इसकी हार-जीत से राज्य भी हार-जीते गए थे|

शतरंज खेलने के लिए क्या चाहिए 

शतरंज खेलने की लिए एक बोर्ड की आवश्यकता होती है| यह बोर्ड लकड़ी या प्लास्टिक का बना होता है| आकार में वर्गाकार होता है| बोर्ड के ऊपर सफ़ेद-काले रंग के 64 वर्गाकार खाने बने होते है| 8 खानों की आठ पक्तियो से 64 खाने बनाए जाते है| ये खाने काले के बाद सफ़ेद क्रम से बनाए जाते है| इन खानों में ही मोहरे चलाए जाते है|

मोहरेबोर्ड पर बने काले व सफ़ेद खाने मोहरे चलने का पक्ष होता है| शतरंज का खेल दो खिलाड़ियो द्वारा खेला जाता है| प्रत्येक खिलाड़ी के पास 16-16 मोहरे होते है| एक के पास काली और दूसरे के पास सफ़ेद| इन मोहरों को अलग-अलग नाम दिए गए होते है जैसे- बादशाह, वजीर, ऊंट, हाथी, घोडा, पैदल सैनिक| खेल शुरू करने के लिए दोनों खिलाड़ी अपने-अपने मोहरे आमने-सामने बिछा देते है| मोहरों को खिलाड़ी अपनी खेल तकनीक से अलग-अलग तरीके से बिछाते है|

खेल शुरू होते ही मोहरों द्वारा खिलाड़ी अपने बौद्धिक कौशल से चाले चलता है| चली गई चालो से खिलाड़ी एक-दूसरे को मात देते है| यह एक प्रकार का युद्ध है, जो मोहरों द्वारा उस बोर्ड पर लड़ा जाता है| जब कोई भी खिलाड़ी अपने मोहरों द्वारा प्रतिव्दंव्दी खिलाड़ी के बादशाह को इस प्रकार व्यूह में फंसा देता है कि वह बच नहीं सकता, तो चैक द्वारा खेल समाप्त हो जाता है|

बादशाह का महत्व Chess Game King

शतरंज के खेल में राजा बहुत ही महत्वपूर्ण मोहरा है| इसे बोर्ड से हटाया नहीं जा सकता, क्योकि इसके हटते ही खेल का अस्तित्व समाप्त हो जाता है| बादशाह के मोहरे पर क्रॉस रूप मे ताज होता है| यह मोहरा किसी भी दिशा में चल सकता है, लेकिन इसकी कुछ सीमाए भी है| यह केवल एक बार मे एक खाने तक ही चल सकता है| खेल के बीच इसे विरोधी खिलाड़ी की चल से बचना जरूरी होता है|

[जाने – राष्ट्रीय खेल हॉकी पर निबंध]

 वजीर

बादशाह के बाद वजीर का मोहरा महत्वपूर्ण होता है| यह मोहरा किसी भी दिशा में चल सकता है, लेकिन अनुबंध यह है कि इसकी चाल किसी भी दिशा में सीधी होनी चाहिए|इसके रास्ते में यदि विरोधी खिलाड़ी का कोई मोहरा होता है, तो यह उसे मार सकता है|

 हाथीयह मोहरा आगे-पीछे तथा दाएं-बाए चल सकता है, लेकिन इस अनुबंध के साथ कि यह आड़ी-तिरछी चल न चले| हाथी जीतने खानों को चाहे पार कर सकता है, बशर्ते कि उसके रास्ते में कोई दूसरा मोहरा न हो| शतरंज के चारो कोनो पर ये तैनात किए जाते है|
 घोडाघोडा एक ऐसा मोहरा होता है, जो अपनी चाल केवल ढाई खाने चलता है| इसकी चाल अँग्रेजी के अक्षर एल (L) के आकार की होती है| शतरंज के खेल में केवल घोडा ही ऐसा मोहरा है, जो विरोधी पक्ष से पिटकर छलांग लगाते हुए स्वयं को बचा लेता है|
 ऊंटऊंट सदा आड़ी-तिरछी चाल चलता है| बोर्ड पर दोनों ऊंट बादशाह तथा वजीर के साथ-साथ खड़े होते है, लेकिन इनकी भी कुछ सीमाए है| काले खाने पर खड़ा ऊंट केवल काले खानों पर ही चल सकता है और सफ़ेद खाने पर खड़ा केवल सफ़ेद खानों पर| ऊंट को यह स्वतंत्रता है कि वह एक साथ कई खाने पार कर सकता है, लेकिन मोहरों के ऊपर से नहीं जा सकता|
 प्यादा Pyadeशतरंज के खेल मे प्यादो कि संख्या दोनों ओर 8-8 होती है| इस प्रकार कुल प्यादे 16 होते है| प्यादा केवल आगे की ओर ही चल सकता है और एक बार में केवल एक खाना आगे बढ़ सकता है, लेकिन इसका इतना अधिकार अवश्य है कि यह विरोधी के मोहरों पर आड़ा-तिरछा वार कर सकता है| अपने इस अभियान में यदि वह विरोधी के छोर पर पहुंच जाता है, तो बादशाह को छोड़कर कोई भी मोहरा ले सकता है|

 

कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

 1.यदि आपका मोहरा विपक्षी खिलाड़ी के किसी मोहरे से मरने की स्थिति में है, तो आप अपने किसी अन्य मोहरे से इसे बचा सकते है|
 2.इस खेल में एक मोहरे मे मरने से समस्त मोहरों पर असर पड सकता है|
 3.प्रत्येक खिलाड़ी मोहरे से केवल एक ही चाल चल सकता है|
 4.वजीर महत्वपूर्ण होता है| अकारण वजीर से प्यादो को मरवाकर वजीर को खतरे में नहीं डालना चाहिए|

[जाने – ट्वेन्टी-20 क्रिकेट पर निबंध]

                               कुछ महत्वपूर्ण प्रतियोगिताएं
 1. खेतान ट्रॉफी
 2.लिम्का ट्रॉफी
 3.वी.वी. शास्त्री ट्रॉफी
 4.वीडियोकॉन इंडिया ट्रॉफी
 5.स्विफ्ट विश्व-कप
 6.चैस ऑस्कर पुरस्कार
 7.ओपन स्वायर्स ट्रॉफी
 8.दुबई कप
 9.मनीला इंटर ज़ोनल ट्रॉफी
 10.त्रिवेणी इंजीनियरिंग ट्रॉफी
 11.नायडू ट्रॉफी
 12.हवाई ट्रॉफी

राष्ट्रीय पुरस्कार Chess National Awards

          राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार Rajiv Gandhi Khel Ratn Awards For Chess
           विश्वनाथ आनंद   1991-92
                              द्रोणाचार्य पुरस्कार Dronacharya Awards
            रघुनंदन वसंत गोखले    1986
                          अर्जुन पुरस्कार Arjun Awards
             मैनुअल आरोन     1961
             राहिनी खाडिलकर     1980
             दिव्येंदु बरुआ     1983
             प्रवीण महादेव थिप्से     1984
             विश्वनाथ आनंद     1985
             डी.वी. प्रसाद     1987
               भाग्यश्री प्रवीण थिप्से     1987
               अनुपम गोखले     1990
               एस. विजयलक्ष्मी सुब्रहनयम     2000
               के. शशिकरण     2002
               कोनेरु हप्पी     2003
               सूर्या शेखर गांगुली     2005
               पी. हरीकृष्ण     2006
               पेंय्याला हरीकृष्ण     2006
               ड्रोनावली हारिका     2008
               तानिया सचदेव     2009
               परिमार्जन नेगी     2010
               अभिजीत गुप्ता     2013