ढींगरी मशरूम की खेती – Dhingri Mushroom Ki Kheti Kaise Kare

ढींगरी मशरूम की उन्नत खेती कैसे करें (Dhingri Mushroom Ki Kheti Kaise Kare)

यह भी एक स्वादिष्ट एवं खाने-योग्य खुम्बी है जिसको कुछ गर्म क्षेत्र जैसे 20-28 डी०सेग्रेड तापमान पर उगाया जा सकता है । इस समय आर्द्रता भी 75-80 प्रतिशत होना आवश्यक है ।

Dhingri Mushroom Ki Kheti Kaise Kare

ढींगरी मशरूम की उन्नत खेती के लिए स्थान का चुनाव (Selection of Place for Dhingri Kheti)

यह खुम्बी उत्पन्न करने हेतु पक्के फर्श अथवा पेटियां जो गहरी हों जिनका आकार 90 * 60 * 15 सेमी. (ल. * चौ* गहराई) तथा बड़ी मजबूत पॉलिथीन के थैले जिनमें छेद पौधों की थैलियों की तरह बना लेते हैं लेकिन इन छिद्रों की दूरी लम्बाई में 50-55 सेमी. तथा चौड़ाई में 25-30 सेमी., छिद्रों की गोलाई एक सेमी. व्यास में तैयार करते हैं ।

मिश्रण तैयार करना (Preparation of Mixture)

इसकी खेती के लिये ताजा पुआल का चुनाव करते है । इस पुआल को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लेते हैं जिनकी लम्बाई 2.5-4.0 सेमी. से अधिक न हो ।

10-12 घंटे तक साफ पानी में इन टुकड़ों को भिगोयें तथा पानी से निकालने के पश्चात् पानी को निष्कासित कर निचोड़ दें । इस भीगे हुए पुआल को उचित आकार जैसे-90 * 60 * 15 सेमी. की पेटियों तथा मजबूत पोलिथीन की छिद्रों सहित थैलों में भर लेते हैं । ध्यान रहे पुआल में बदबू न रहे । पेटियों, थैलों में भर लेते हैं ।

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स्पान की बुवाई (Sowing of Span Seed)

स्पान को तैयार पेटियों या पोलिथीन थैलों में एक बोतल स्पान / बीज भीगे हुए पुआल में बीज के साथ 100 ग्राम चने या अरहर की दाल के छिलकों को भली-भांति मिला देते हैं तथा मिलाकर हल्का दबा दिया जाता है जिससे बीज व छिलके, पुआल आपस में नजदीक हो जायें । तथा थैलों के लिये भी लगभग 4-5 किलो पुआल तथा ½ (आधी) बोतल स्पान बीज तथा 40-50 ग्राम चने या अरहर की दाल के छिलकों के टुकड़ों को भली-भांति मिला दिया जाता है । थैलों को पोलिथीन द्वारा तैयार किया जाता है ।

पानी का प्रबन्ध (Management of Watering)

तैयार पेटियों व थैलो में नमी बनाये रखने के लिये फुव्वारे से पानी छिड़कते रहना चाहिए । ऐसा करने से स्पान लगभग 12-15 दिन में पेटियों व थैलों में फैलाकर सफेद-सा जाल बना देगा तो समझना चाहिए कि स्पान अंकुरित हो गया है ।

इस प्रकार से ये कवक-जाल वृद्धि करके 25-30 दिन में खुम्बी या मशरूम के रूप में नजर आने लगेगी जो तोड़कर खाने योग्य हो जायेगी ।

तुड़ाई (Plucking)

तैयार हो जाने पर मशरूम को तोड़ा जाता है । यदि किनारा कुछ चपटा-सा हो जाये तो सही तोड़ने की अवस्था समझना चाहिए । इसे हाथ से या चाकू से काटें ।

उपज (Yield)

प्रति पेटी मशरूम 2-3 किलो औसतन प्राप्त होती है तथा थैली से प्रति 800-1000 किलो प्राप्त होती है ।

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पैकिंग (Packing)

मशरूम को तैयार होकर काटने या तोड़ने के पश्चात्‌ ताजा ही छोटे-छोटे पैकेज (Package) जो 200-250 किलो या आवश्यकतानुसार मांग के आधार पर तैयार क्रेटो में भरकर उचित-बाजार (Modern Market) में भेजना चाहिए जिससे अच्छा मूल्य मिल सके ।

नोट : शहरी कृषक या मशरूम उत्पादकों के लिये आय का मुख्य स्त्रोत बनाया जा सकता है क्योंकि शहरों में इसकी मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जैसी कि शादी-विवाह या अन्य पार्टियों में प्रतिदिन होती है । इसका उपयोग मिक्स वेजीटेबल व सूप के रूप में अधिक करने लगे है । हृदय के रोगियों के लिए यह अति उत्तम स्रोत है ।

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