खजूर खाने के फायदे – हिंदी में Khajur Khane Ke Fayde In Hindi

खजूर खाने के फायदे | Khajur Khane Ke Fayde Hindi Me

खजूर में पोषक तत्वों का इतना भंडार है कि इसको वंडर फ्रूट भी मान सकते हैं. आयरन, मिनरल, कैल्शियम, अमीनो एसिड, फॉस्फोरस और विटामिन्स से भरपूर खजूर आपकी सेहत के साथ खूबसूरती भी न‍िखारेगा.

ग्लूकोज और फ्रक्टोज का खजाना खजूर मधुमेह में सहायक होने के साथ ही इम्यून पावर को भी बूस्ट करता है. इसमें कोलेस्ट्राेल नहीं होता है और एक खजूर से 23 कैलोरी मिलती है. इसके साथ ही यह सेल डैमेज, कैंसर से बचाव और दिल से जुड़ी समस्याओं से बचाव में भी बहुत कारगर है.

देश और विदेश में खजूर मिस्र, इराक, स्पेन, इटली, चीन, अमेरिका, अलजीरिया और अरब में खजूर की उपज बहुतायत में होती है | हमारे देश में पंजाब, सिंध में इसकी खेती होती है और यह सर्वत्र पाया जाता है | खजूर का वृक्ष नारियाल या तार के वृक्ष के सामान 30 से 50 फुट ऊँचा होता है | इसका तना ठोश लकड़ी का न होकर तंतुओ से बना होता है | पत्तो के वृंत के स्थाई मुल्भागों से बना तना मटमैले रंग का तीन फुट चौड़ा होता है | पत्ते 10-15 फुट लम्बे होते है | पुष्प सुगन्धित और छोटे होते हैं | फल बड़ा और अति गूदेदार होता है | बिज कड़ा, लंबा, दोनों सिरों पर गोल होता है |

खजूर दो प्रकार का होता है – सामान्य खजूर और दूसरा पिंड खजूर |

पिंड खजूर का फल अधिक मांसल और सामान्य से कफी बड़ा होता है | यही फल सूखने पर छुहारा कहलाता है | खजूर एक फल ही नहीं पौष्टिक मेवा भी है | इसे `गरीबों का पाक’ भी कहा जाता है, क्योकि अन्य मेवों से यह काफी सस्ता और सर्व सुलभ होता है | खजूर के पेड़ के ताजे रस को निरा और बासी निरा को ताड़ी कहते है

खजूर के विभिन्न भाषाओं में नाम

  1.  संस्कृत- खर्जूर(Sanskrat -Khajur)
  2.  हिंदी- खजूर,छुहारा (Hindi-Khajur,Chuara)
  3.  मराठी- खारिक(Mrathi-Kharhik)
  4.  गुजरती- खारेक(Gujrati-Kharekh)
  5.  बंगाली- खेजूर (Bungali-Khejur)
  6.  अंग्रेजी- डेट (English-Date )
  7.  लैटिन- फिनिक्स डेक्तिलिफेरा (Phoenix  Dactylifera)

खजूर के विशेष गुण(Benefits Of Khajur)

आयुर्वेदिक मतानुसार खजूर एक स्वादिष्ट, पौष्टिक, मधुर, शीतल, तृप्तिकारक, स्निग्ध, गुरु, वात, पित्त और कफ नाशक, हृदय को बल देने वाला, क्षय, रक्त पित्त, शोथ, फेफड़ों का प्रदाह नाशक फल है |

इसके अलावा यह नारी बलदायक, मस्तिष्क शामक, वातहर, मूर्छा, मस्तिष्क दुर्बलता, मद, भ्रम, कटीशूल, साइटिका, शराब के विकारों को दूर करने वाला, दमा, खांसी, ज्वर, पेशाब के कष्टों में भी गुणकारी हैं |

यूनानी मतानुसार खजूर उष्ण और तर होता है | यह क्षीण वृक्क को शक्ति देने वाला, थकावट दूर करने वाला, शारीर को मोटा बनाने वाला, धातु पोषक, पक्षाघात और कटीशूल को दूर करने वाला, बाजीकरण होता है |

वैज्ञानिक मतानुसार खजूर के रासायनिक संगठन का विश्लेषण करने पर ज्ञात होता है की इसमें शर्करा 67.3 प्रतिशत, प्रोटीन 5.0 प्रतिशत, वसा 2.0 प्रतिशत, खनिज पदार्थ 1.3 प्रतिशत और अल्प मात्र में कैल्शियम, लोहा, फास्फोरस, विटामिन ए, बी और सी  भी पाए जाते हैं | जल की मात्रा 21.1 प्रतिशत होती है | पूरी तरह से पके खजूर में शर्करा की मात्रा 85 प्रतिसत तक होती है | प्रति 100 ग्राम खजूर से 283 कैलोरी उर्जा मिलती है |

सर्दियों में खजूर का सेवन (Sardion Me Khajoor Ka Sevan Karne Ke Fayde)

सर्दियों का मेवा खजूर :- खजूर को सर्दियों का मेवा कहा जाता है और इसे इस मौसम में खाने से खास फायदे होते हैं। खजूर या पिंडखजूर कई प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें आयरन और फ्लोरिन भरपूर मात्रा में होते हैं |

इसके अलावा यह कई प्रकार के विटामिंस और मिनरल्स का बहुत ही खास स्त्रोत होता है।
इसका इस्तेमाल नियमित तौर पर करने से आप खुद को कई प्रकार के रोगों से दूर रख सकते हैं और यह कॉलेस्ट्राल कम रखने में भी मददगार है। खजूर को इस्तेमाल करने के अनगिनत फायदे हैं क्योंकि खजूर में कॉलेस्ट्रोल नही होता है और फेट का स्तर भी काफी कम होता है। खजूर में प्रोटीन के साथ साथ डाइटरी फाइबर और विटामिन B1,B2,B3,B5,A1 और c भरपूर मात्रा में होते हैं।

खजूर के विभिन्न रोगों में प्रयोग:- 

1.  सर्दी-जुकाम, दमा में गुणकारी है खजूर 

 खजूर को एक गिलास दूध में अच्छी तरह उबालकर उसे खा लें और ऊपर से वही दूध पीकर मुंह ढककर सो जाने से शीघ्र लाभ मिलता है |

2. सिर दर्द में लाभदायक

खजूर की गुठली को पानी में घिसकर लेप बनाएं और मस्तक पर लगाएं |

3. बलवध्र्दर्क, मोटापा बढ़ाने के लिएं 

 एक कप दूध में 2 छुहारे उबालकर खाएं और ऊपर से वही दूध पिए | यह प्रयोग सुबह-शाम नियमित रूप से कुछ माह करें | शीत ऋतू में यह प्रयोग अधिक गुणकारी होता है |

4. बार-बार पेशाब आना, बिस्तर में पेशाब 

दिन में 2 बार, 2-2 छुहारे खाएं और सोते समय 2 छुहारे दूध के साथ सेवन कराएं |

5. गुहेरी

गुठली को पानी में घिसकर बने लेप को तीन बार लगाएं |

6. दमा

खजूर के चूर्ण को सोंठ के चूर्ण के साथ बराबर की मात्रा में मिलाकर पान में रखकर दिन में 3 बार खाने से कष्ट कम होगा |

7. वीर्य दोष, शीघ्रपतन में

2-2 छुहारे दिन में 3-4 बार गर्म दूध से सेवन करें |

8. बच्चों का सुखा रोग

खजूर और शहद बराबर की मात्रा में मिलाकर दिन में दो बार नियमित रूप से कुछ हप्ते तक खिलाएं |

9. घाव, व्रण

खजूर की गुठली को जलाकर चूर्ण कर लें | इसे घाव पर लगाएं |

10. अरुचि 

 नींबू के रस में खजूर की चटनी बनाकर खाएं |

11. अतिसार

खजूर के चूर्ण के साथ दही का सेवन करना गुणकारी होता है |

12. रक्त पित्त

शहद के साथ खजूर का चूर्ण 3 बार सेवन कराएं |

13. कब्ज व बवासीर में उपयोगी खजूर 

 खजूर गर्म पानी के साथ सोते समय लें |