मशरूम की खेती – Mushroom Ki Kheti Kaise Kare

मशरूम की उन्नत खेती कैसे करें (Mushroom Ki Kheti Kaise Kare)

हमारे देश में मशरूम की खेती या सब्जी का प्रचलन दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है । जैसे-जैसे मनुष्य मानसिक एवं आधुनिक युग की तरफ अग्रसर होता जा रहा है ठीक उसी तरह से शरीर के लिये पोषक-तत्व युक्त, गुणकारी, स्वादिष्ट, उपयोगी सब्जी भी अपने भोजन में लेना पसन्द करता है । ऐसी सब्जी जिसमें अधिक से अधिक गुण व उपयोगी हो, वह सब्जी केवल ”मशरूम सब्जी” ही कही जा सकती है क्योंकि यह सब्जी काफी मात्रा में प्रोटीन, खनिज लवण, विटामिन ‘बी’, ‘सी’ व  ‘डी’ उपलब्ध कराती है । यह मशरूम खाने में बहुत स्वादिष्ट एवं पाचनशील होती है । यहां तक कि फल से सब्जी की तुलना में प्रोटीन की अधिक मात्रा होती है । इसमें फोलिक-अम्ल की उपलब्धता शरीर में रक्त बनाने में अधिक मदद करती है । इसका सेवन मनुष्य के रक्तचाप, हृदयरोग, रक्त की कमी को पूरा करने मे लाभकारी रहता है ।

मशरूम का उपयोग अनेक भोज्य पदार्थों में किया जाता है । यह आजकल अधिक प्रचलित होने से लगभग सभी स्थानों में उपलब्ध होती है । इसका प्रयोग अनेक सब्जियों के साथ मिक्स-वेजीटेबल (Mixed Vegetables) के रूप में विवाह-शादियों एवं पार्टियों में अधिक होता है । इसके अतिरिक्त दाल, राजमा, आलू टमाटर, मटर आदि के साथ सब्जी के रूप में खाते हैं तथा सूप चावल के साथ पुलाव तथा चाइनीज-फूड में अधिक प्रयोग किया जाता है । इसको कई स्थानों पर खुम्भी के नाम से भी जानते हैं ।

मशरूम की खेती के लिये कुछ मुख्य विशेष सावधानियां हैं जिनकी जानकारी आवश्यक है । क्योंकि इस सब्जी की खेती में अन्य सब्जियों की खेती से भिन्न कृषि-क्रियाएं अपनानी पड़ती हैं । जैसे- विशेषत: तापमान का नियन्त्रण एवं खाद-मिट्‌टी का मिश्रण जिसमें पूर्णत: पोषक तत्व उपलब्ध रहें ।

आजकल मशरूम कल्चर या उत्पादन हेतु नई तकनीक की जानकारी के लिए कृषकों को सभी कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि अनुसंधान केन्द्रों, संस्थानों पर प्रशिक्षण (Training) दिया जाता है । जैसे- दिल्ली क्षेत्र के कृषकों एवं मशरूम उत्पादकों के लिये-माइकोलोजी एंड प्लान्ट पेथोलोजी डिवीजन, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली तथा स्नोव्यू मशरूम लैब एंड ट्रेनिंग सेन्टर,. 1064, गांधी आश्रम, नरेला, दिल्ली-40 आदि । राष्ट्रीय खुम्बी अनुसंधान केन्द्र, चंबा घाट, सोलन, हिमाचल प्रदेश । मशरूम अनुसंधान केन्द्र, गो. ब. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय पंतनगर, उत्तरांचल । इस प्रकार से सभी राज्यों में कृषि एवं उद्यान संस्थानों में कृषकों एवं मशरूम उत्पादकों को सभी जानकारियां दी जाती हैं । इस प्रकार से मशरूम आजकल सभी मौसम में आसानी से उपलब्ध की जा सकती है । मशरूम की उचित ढंग से खेती करने के सरल तरीके बताये जा रहे हैं जो इस प्रकार से हैं-

1. बटन मशरूम (Agaricus Bisporus)

2. वलवेरिल्ला (Volvariella)

3. खुम्बी (Dhingri)

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