पीपल के फायदे हिंदी में Benefits of Peepal In Hindi

पीपल के फायदे हिंदी में Benefits of Peepal In Hindi Jaane Peepal Ke Fayde Aur Nuksaan

इसे अथर्ववेद में लक्ष्मी, संतान और आयु देने वाला वृक्ष बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि इसकी 108 परिक्रमा रोज करने से आयु लंबी होती है। पीपल के वृक्ष सारे भारत में लगाए भी जाते हैं और अपने आप भी लग जाते हैं। इसका विशाल वृक्ष ऊंचाई में 50 से 80 फुट होता है। पते चिकने, चौड़े, हृदय के आकार बेर के समान और पकने पर बैंगनी या काले लगते हैं। मार्च माह में पते झड़ जाते हैं और ग्रीष्म ऋतु में फल की बहार आती है, जो वर्षा ऋतु में पकते हैं। पुराने पीपल के वृक्ष से लाक्षा (लाह, चपड़ा) भी प्राप्त होती है।

यहा पर आप ये जानेगे

  1. हाथ-पांव का फटना Hand-Foot Bursts
  2. दुर्बलता के लिए पीपल से उपाय Weakness Ke Liye Peepal Se Upaay
  3. मुंह के छाले के लिए पीपल Muhe Ke Chaale Ke Liye Peepal
  4. दमा रोग में पीपल Asthma Rog Me Peepal
  5. सूज़न पर पीपल का दूध  Sujan Per Peepal Ka Dudh
  6. दंत रोगों में पीपल की टहनी Dant Rogo Me Peepal Ki Tahni
  7. त्वचा रोगों में पीपल के पत्तो से उपाय  Skin Rogo Me Peepal Ke Patto Se Upaay
  8. बांझपन दूर करने के लिए पीपल का दूध का सेवन Peepal Milk Intake To Remove Infertility
  9. हकलाहट में पीपल का सेवन Peepal Intake In Stuttering 
  10. मूत्र रोगों में पीपल Urine diseases Me Peepal
  11. वीयॅ वृध्दि हतू पीपल का उपयोग Use of Vee Growth Peepal
  12. रक्तपित के लिए पीपल Peepal For Bloody
  13. संर्प दंश में पीपल के पत्तो का रस का सेवन Snake Dunsh Me Peepal Ke Patto Ka Sevan

पीपल के  विभिन्न भाषाओं में नाम Peepal Tree Ke Vibhinn Bhasao Me Name

  • संस्कृत (Peepal In Sanskrit) -पिप्पल, अश्वत्थ।
  • हिंदी (Peepal In Hindi) – पीपल।
  • मराठी (Peepal In Marathi) – पीपल।
  • गुजराती (Peepal In Gujarati) – पीपली |
  • बंगाली (Peepal In Bangali) -अश्वत्थ।
  • अंग्रेज़ी (Peepal In english) – सेक्रेड फिग (SacredFIg) |
  • लेटिन (Peepal In Latin) – फाइकसतिज़लसा(Ficus Riligiosa) |

पीपल के औषधीय  गुण Peepal Ke Aushdhiy Gun

आयुर्वेदिक मतानुसार पीपल रस में मधुर, कषाय, गुण में गुरु, रुक्ष प्रकर्ति  में -शीतल, विलाप मे कटु, कफ-पित्त सामक होती है । यह दुर्बलता, घाव, हिस्टीरिया, मूत्र रोगों, बांझपन, सिर दर्द, खांसी, हाथ-पांव फटने, उदर शूल, दमा, श्वेत प्रदर, शोथ, रक्तस्राव, सर्पविष, वातशूल, त्वचा रोग आदि में गुणकारी है। रक्तगत शर्करा कम करने, गर्भ स्थापना हेतु, बाजीकरण के लिए और रक्त-विकारों आदि में पीपल लाभप्रद पाया गया है।

यूनानी चिकित्सा पद्धति के अनुसार पीपल के पते और छाल सर्द और खुश्क होता है। ताजी जड़ की छाल का चूर्ण पानी के साथ पीने से कमर दर्द दूर होकर कामेन्द्रियों में जोश उत्पन्न होता है, धातु गाढ़ी होने से स्तम्भन बढ़ता है। पेशाब की जलन, मसूढ़ों की सूजन, पुराने सूजाक में छाल का काढ़ा लाभप्रद होता है।

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वैज्ञानिक मतानुसार पीपल की रासायनिक संरचना का विश्लेषण करने पर ज्ञात होता है कि इसकी छाल में टैनिन 4 प्रतिशत, रबड़, मोम आदि तत्व पाए जाते हैं, जबकि फलों में एल्ब्युमिनाइड्स 7.9 प्रतिशत, कार्बोहाइड्रेट्स 34.9 प्रतिशत, भस्म 8.3 प्रतिशत, रंजकतल 7.5 प्रतिशत, सिलिका 1.8 प्रतिशत, फास्फोरस 0.69 प्रतिशत तक होते हैं।

पीपल के विभिन्न रोगों में प्रयोग और घरेलु नुस्खे Peepal Ke Vibhinn Rogo Me Prayog AUR Gharelu Nuskhe

1. हाथ-पांव का फटना Hand-Foot Bursts:

पीपल के पत्तों का रस या दूध पीड़ित अंग पर लगाएं। कुछ ही समय में आराम पायें |

2. दुर्बलता के लिए पीपल से उपाय Weakness Ke Liye Peepal Se Upaay :

पीपल के पत्तों का बना मुरब्बा खाने से शारीरिक शक्ति मिलेगी। घाव, चोष्ट पर : पीपल की छाल का महीन चूर्ण लगाने से रक्तस्राव बंद होकर घाव शीघ्र भर जाता है।

3. मुंह के छाले के लिए पीपल Muh Ke Chaale Ke Liye Peepal

छाल के काढ़े से सुबह-शाम गरारे करें और छाल के चूर्ण को शहद में मिलाकर छालों पर लगाएं, आराम मिलेगा। .

4. दमा रोग में पीपल Asthma Rog Me Peepal :

पीपल की छाल और पके फल का चूर्ण समभाग मिलाकर पीस लें। आधा , चम्मच की मात्रा में 3-4 बार शहद के साथ सेवन कराएं।

5. सूज़न पर पीपल का दूध  Sujan Per Peepal Ka Dudh :

पीपल के वृक्ष का दूध लगाकर मालिश करें, सूजन कम होगी।

6. दंत रोगों में पीपल की टहनी Dant Rogo Me Peepal Ki Tahni :

पीपल की ताजी टहनी को दांतों से चबाकर दातुन करने से और छाल के काढ़े से गरारे करने से मुंह की दुर्गध मिटेगी और दांतों का दर्द व मसूड़ों की सूजन दूर होकर मजबूत होंगे।

7. त्वचा रोगों में पीपल के पत्तो से उपाय  Skin Rogo Me Peepal Ke Patto Se Upaay :

पीपल के पत्तों को पानी में उबालकर उसके काढ़े से नहाने से त्वचा के अनेक रोग दूर होते हैं।

8. बांझपन दूर करने के लिए पीपल का दूध का सेवन Peepal Milk Intake To Remove Infertility :

सूखे फलों का चूर्ण कच्चे दूध के साथ आधा चम्मच की मात्रा में, मासिक धर्म शुरू होने के 5वें दिन से दो हफ्ते तक सुबह-शाम नियमित सेवन करने से बांझपन दूर होगा। लाभ न होने पर प्रयोग अगले माह भी जारी रखें।

9. हकलाहट में पीपल का सेवन Peepal Intake In Stuttering :

पके फलों का चूर्ण आधा चम्मच की मात्रा में शहद के साथ सुबह-शाम सेवन करने से हकलाहट में लाभ होगा और वाणी में सुधार आएगा।

10. मूत्र रोगों में पीपल Urine diseases Me Peepal :

छाल का काढ़ा आधा कप की मात्रा में दिन में 2 बार पीने से पेशाब की जलन, पेशाब में तकलीफ आदि में आराम मिलता है।

11. वीयॅ वृध्दि हतू पीपल का उपयोग Use of Vee Growth Peepal :

फल को पीस कर आधा चम्मच सेवन करते रहने से की मात्रा मे एक कप दूध के साथ दिन मे 3 बार सेवन करते रहने से नपुसकता दूर होकर बल, वीयॅ षौरूष बढ़ता है ।

12. रक्तपित के लिए पीपल Peepal For Bloody :

फल का चूर्ण और मिस्री समभाग मिलाकर एक चम्मच की मात्रा दिन में 3 बार शीतल जल से लें।

13. संर्प दंश में पीपल के पत्तो का रस का सेवन Snake Dunsh Me Peepal Ke Patto Ka Sevan :

जब तक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध न हो, पीपल के पतों का रस 2-2 चम्मच की मात्रा में 3-4 बार पिलाएं और मुंह में पते चबाने के लिए देते रहें, विष का प्रभाव दूर होगा।

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