स्कवॉश खेल के नियम Squash Game Rules & Information in Hindi

squash game rules in hindi

स्कवॉश का खेल भी रैकेट और बॉल से खेला जाता है| इसका रैकेट टेनिस खेलने वाले रैकेट जैसा ही होता है, लेकिन थोड़ा-सा छोटा होता है| इसमे काले रंग की चोटी रबड़ की गेंद प्रयोग की जाती है| यह एकल और युगल दोनों ही रूपों में खेला जाता है| इसका क्रीडा क्षेत्र अनय क्रीडा क्षेत्रों की तुलना में जटिल और अधिक लागत वाला है| अतः यह खेल अधिक लोकप्रिय नहीं हो सका है और ग्रामीण क्षेत्रो में तो लोंगों ने इसका नाम तक नहीं सुना है|

स्कवॉश खेल का कोर्ट कैसा होता है ? Squash Game Court Dimensions

एकल और युगल के लिए अलग-अलग आकार की कोर्ट बनाई जाती है| एकल के कोर्ट की लंबाई 31 फीट और चौड़ाई 18.5 फीट होती है| युगल के लिए लंभाई 45 फीट और चौड़ाई 25 फीट होती है| कोर्ट के सामने की दीवार की ऊंचाई 20 फीट और प्ले रेखा 16 फीट ऊंची होती है| कोर्ट के दाएं, बाएं दोनों ओर कांच की दीवारे होती है, जिनकी ऊंचाई 18 फीट होती है| कुल 32 फीट लंबे कोर्ट में 14 फीट तक का क्षेत्र सर्विस बॉक्स कहलाता है|

स्कवॉश खेल के नियम Squash Game Rules in hindi

स्कवॉश का कोर्ट लकड़ी का बनाया जाता है| सर्विस बॉक में खड़े होकर खिलाड़ी को सर्विस करनी पड़ती है| सर्विस करने पर गेंद को सर्विस लाइन के ऊपर ही मारना पड़ता है| सर्विस इतनी तेजी से मारनी चाहिए कि गेंद दीवार से टकराकर वापस विपक्षी खिलाड़ी के कोर्ट में आकार गिरे| सर्विस करना वाला खिलाड़ी तब तक अंक लेता रहता है जन तक कि सर्विस टूट नहीं जाती| सर्विस तभी टूटी मानी जाती है, जब गेंद वापस होने के बाद कोर्ट में दो टप्पे खा ले या निर्धारित क्षेत्र के ऊपर गेंद लग जाए या फिर गेंद दीवार के नीचे बनी हुई धातु की पट्टी पार लग जाए|

स्कवॉश के खेल में चाहे एकल हो या युगल, पांच गेम खेले जाते है| एक गेम में 15 अंक होते है| एक गेम जीतने के लिए अपने प्रतियोगी से कम-से-कम दो अंक अधिक होने चाहिए| जब तक यह स्थिति नहीं आती खेल बराबर चलता रहता है| जो खिलाड़ी 5 में से तीन गेम जीत लेता है, वह विजयी माना जाता है|

स्कवॉश खेल की प्रतियोगिताएं Squash Game Tournaments

स्कवॉश की निम्नलिखित तीन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है-

 1. लिबरेशन कप
 2. आस्ट्रेलियन चैम्पियन ट्रॉफी
 3. राष्ट्रीय कप (पुरुष)
 प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ी
 1. भुवनेश्वरी कुमारी
 2. जोस्हना चिंपा
 3. सौरभ घोषाल

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