क्रिकेट पर निबंध Very Short Essay On Cricket In Hindi

क्रिकेट पर निबंध Very Short Essay On Cricket In Hindi Language

Very Short Essay On Cricket

शरीर को स्वस्थ रखने की दृष्टि से खेलों का बड़ा महत्त्व है | खेल किसी भी व्यक्ति के बहुमुखी विकास के लिए आवश्यक है | खेलों से शरीर की मांसपेशियां एंव हड्डियां मजबूत बनी रहती हैं एंव रक्त का संचार भी सुचारु रहता है | शरीर को अतिरिक्त आक्सीजन मिलती है और फेफड़े मजबूत होते हैं | इन्हीं सब कारणों से खेल-कूद मेरा प्रिय शौक रहा है | वैसे तो मुझे सभी खेल अच्छे लगते हैं, किन्तु क्रिकेट मेरा प्रिय खेल है | इसका कारण इस खेल की विविधता है | हम अपनी सुविधा और रुचि के अनुसार टेस्ट मैच, एक दिवसीय या फिर ट्वेन्टी-20 मैच का आनंद ले सकते हैं |

क्रिकेट की शुरुआत के बारे में निश्चित तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता | इसे भारत के गुल्ली-डंडे के खेल से भी जोड़कर देखा जाता है, किन्तु आधुनिक रूप में जिस नियोजित तरीके से क्रिकेट खेला जाता है, उसका श्रय इंग्लैंड को जाता है | विश्व की एक बड़ी आबादी का यह प्रिय खेल अब लगभग पूरी दुनिया में खेला जाता है |

मेरा प्रिय खेल क्रिकेट बनने के मूल में मेरा भाई भुवनेश्वर और लब्धप्रतिष्ठित बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर हैं | मेरा भाई भुनेश्वर जहां ट्वेन्टी-20 क्रिकेट का दीवाना है, वहीँ क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के तीनों ही रूपों के लिए सबसे उपयुक्त क्रिकेटर हैं | मेरा भाई पहले अंतर्विश्वविद्यालयी और फिर प्रादेशिक ट्वेन्टी-20 स्पर्धाओं में नाम कमा चुका है | सचिन तेंदुलकर ने तो रनों का ऐसा अंबार खड़ा कर दिया है कि किसी भी अन्य खिलाड़ी के लिए उसका स्पर्श कर पाना मुश्किल है |

इन दोनों ही की रन की भूख बढ़ने के साथ-साथ मेरी रूचि भी क्रिकेट में साथ-साथ बढ़ी है | मुझे जब भी अवसर मिलता है, मैं इन दोनों ही के द्वारा खेले जाने वाले मैचों का मजा ले लेता हूं | सचिन के लिए तो मेरी दीवानगी का यह आलम है कि जब वह खेलते हैं, तो मैं अपने समस्त कार्यों को लम्बित कर देता हूं | भुनेश्वर जहां ट्वेन्टी-20 में सबसे बेहतर प्रदर्शन करता है वहीं सचिन क्रिकेट के विविध रूपों में उनकी मांग के अनुरूप बहुआयामी प्रदर्शन करते हैं | बल्लेबाजी हो या आकस्मिक रूप से मिली गेंदबाजी, वे दोनों ही विधाओं में चमत्कारिक प्रदर्शन करते हैं | वर्ष 2011 के एक दिवसीय क्रिकेट विश्वकप जीत में सचिन का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है |

सचिन तेंदुलकर के अलावा क्रिकेट के कुछ ऐसे अन्य महान खिलाड़ी भी हैं जिन्होंने क्रिकेट के प्रति मेरी रुचि को बढ़ाया है | इनमें कुछ पुराने तो कुछ नए खिलाडी हैं | पुराने खिलाड़ियों में जहां सुनील गवास्कर, श्रीकांत, संदीप पाटिल, मोहिन्दर अमरनाथ, कपिल देव व रवि शास्त्री के नाम लिये जा सकते हैं, वहीं नए खिलाड़ियों में विरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी, हरभजन सिंह व विराट कोहली को इसका श्रेय है | कुछ खिलाड़ियों ने क्रिकेट के रोमांच को उसके चरम पर पहुंचाने में अथक परिश्रम किया है | खिलाड़ियों की विशिष्ट शैली और उनके अंदाज ने उनके प्रशंसकों की संख्या को भी बढ़ाया है और यही कारण है कि क्रिकेट के विविध रूपों के साथ ही उनके प्रशंसकों की संख्या निरंतर ही बढ़ती जा रही है |

धीरे-धीरे ही सही पर प्रशंसकों के साथ-साथ क्रिकेट खेलने वाले देशों की संख्या में भी बढ़ोतरी होती जा रही है | प्रत्येक विश्वकप में एक-दो नई क्रिकेट टीमों का प्रवेश अवश्य हो जाता है | वर्ष 2011 के एकदिवसीय क्रिकेट विश्वकप में तो नवांगतुक टीमों ने आश्चर्यजनक परिणाम भी दिए हैं |

हालाँकि कई बार इस खेल में मैच फिक्सिंग के आरोपों ने मुझे क्षुब्ध किया है, किन्तु यदि ईमानदारी एंव खेल भावना से खेला जाए, तो यह मुझे ही नहीं सभी को रोमांचित करता है |